सायकोसिस के बारे मे जानकारी – Psychosis information in Hindi

सायकोसिस के बारे मे जानकारी – Psychosis information in Hindi

दोस्तो आजकल हमे हमारे जीवन मे कई सारी शारीरिक तथा मानसिक बिमारीयो का सामना करना पडता है

इसलिए फिजीकल और मेंटल हेल्थ के संबंध बिमारीयो के बारे मे जानकारी प्राप्त होना आज हमारे लिए बहुत जरूरी हो गया है

आज हम ऐसी ही एक मानसिक बिमारी के बारे मे जानकारी प्राप्त करने वाले है जिसका नाम सायकोसिस है

सायकोसिस क्या होता है Psychosis meaning in Hindi

सायकोसिस यह एक मनोविकृती तथा मनोविकार होता है जिसे पागलपण तथा मनोविक्षिप्तता के नाम से भी जाना जाता है

यह मानवी मन की एक अपसामान्य दशा तथा ऐसी गंभीर मानसिक हालत होती है जिसमे हमारा मन यह तय कर नही पाता है की क्या वास्तविक है और कौन सी चीज अवास्तिक है

यह एक मानसिक विकार का लक्षण माना जाता है जिसमे हमे डिलुझ्यन मतलब एक गलत विश्वास होता है

इसमे हमे कभी कभी ऐसा लगने लगता है की हमारे आसपास के लोग हमारे खिलाफ कुछ प्लँनिंग कोई साजिश कर रहे है तथा हमारे बारे मे आपस मे कुछ बाते कर रहे है

हम कोई आम इंसान नही है बहुत बडे रियासत के राजा है ऐसे कुछ भ्रम इस बीमारी मे होते है जिसे सामान्य स्तर पर भ्रमरोग भी कहा जाता है

इसके साथ हमे इस मानसिक बिमारी मे हँलुसिनेशन मतलब वहम होने लगता है की कोई हमारे आस पास बाते कर रहा है और हमे उसकी बात करने की आवाज आ रही है

सामने कोई भी इंसान असलियत मे हमारे सामने मौजुद न होते हुए भी हमे हमारे सामने कोई इंसान खडा है ऐसा लगता है मतलब ऐसी मानसिक रचना का आभास होने लगता है जो वास्तविकता मे मौजुद ही नही है

यह एक मनोविकृती की दशा है जिसमे हमारे मन मे वास्तविकता से बिलकुल अलग विचार आने लगते है इन सारी चीजो की वजह से हमारी सोच बिगड जाती है

जो लोग सायकोसिस से ग्रस्त है उनमे स्वयंप्रेरणा की कमी होती है ऐसे लोग भीड और समाज से दुरी बनाए रखना अकेले रहना अधिक पसंद किया करते है

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सायकोसिस की मानसिक बिमारी से परेशान लोग खुद को या अपने आस पास के किसी और इंसान को गंभीर चोट भी पहुचा सकते है

इनके मन मे लगातार अलग अलग तरह के विचार आते रहते है जिनपे इनका खुद का कोई नियंत्रण नही होता

डिलुझ्यन का मतलब क्या होता है Delusions meaning in Hindi

-कोई भ्रम रोग होना

-किसी गलतफहमी या भ्रम का शिकार होना

-किसी गलत झाँसे मे आ जाना

-कपट

-छल

-विमोह

-प्रपंच

हँलुसिनेशन मतलब क्या होता हैHallucinations meaning in Hindi

-मतिभ्रम होना

-कोई वहम होना

-विभ्रम तथा मिथ्याभास होना

-दृष्टीभ्रम होना

सायकोसिस के कुछ महत्वपूर्ण प्रकार कौन कौन से है?types of psychosis in Hindi

1)ब्रिफ सायकोटिक डिसाँर्डर –

ब्रिफ सायकोटिक डिसाँर्डर को हम ब्रिफ रिअँक्टिव्ह के नाम से भी जानते है

ब्रिक सायकोटिक डिसाँर्डर किसी वैयक्तिगत तथा पारीवारीक तणाव के कारण की वजह से हो सकता है जैसे परिवार के किसी सदस्य का करीबी दोस्त तथा रिश्तेदार का देहांत हो जाना

ऐसे लोग कुठ हप्तो मे ठिक होने की संभावना रहती है अगर उन्हे ठिक होने मे एक हप्ते से भी बहुत ज्यादा समय लगता है तो इसका मतलब यह होता है की उनके तणाव का स्तर काफी अधिक मात्रा मे है

2) नशिले पदार्थो से जुडा सायकोसिस –

जब हम शराब या किसी और नशिले चीजो का सेवण करते है तब भी हमे सायकोसिस हो सकता है

लायसर्जिक अँसिड डायथायलामिड होनेवाले ड्रग्ज दवाईयो का सेवण करने पर हमे ऐसी चीजे दिखाई देती है जो वास्तविक जीवन मे हे ही नही.पर ऐसी दवाईयो का असर अधिक समय तक नही टिका रहता है

डाँक्टर जो हमे स्टेराँईड तथा स्टीमुलेटस जैसी दवाईया लिखकर देते है इनकी वजह से यह लक्षण कही बार पैदा होते है

ऐसा कोई इंसान जो नियमित रूप से शराब पिता हो नशिले पदार्थो का सेवण करता हो वो अगर अचानक उन्हे छोडता है तो ऐसी स्थिती मे भी कभी कभी सायकोसिस के लक्षण निर्माण होते है

3) आँरगँनिक सायकोसिस –

अगर हमारे दिमाग पर कोई गहरी अंध्रुनी चोट लग जाती है तथा दिमाग पर किसी कारण कोई भयंकर आघात हो जाता है तो ऐसी हालत मे भी सायकोसिस होने की संभावना रहती है

4) अँक्युट सायकोसिस –

एक दो दिन मे अचानक मरीज की कंडिशन इसमे चेंज हो जाती है और यह बहुत कम समय तक के लिए रहती है दो या तीन दिन के लिए इसमे मरीज सायकोसिस मे चला जाता है

5) पोस्टपार्टम सायकोसिस –

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जब कोई महिला प्रेग्नेंट होती है उसकी डिलीव्हरी हो जाती है उसके बाद भी इसमे सायकोसिस के यह लक्षण दिखाई देते है

सायकोसिस के कारण कौन कौन से होते है?reason of psychosis in Hindi

सायकोसिस यह अलग अलग प्रकार के होते है इसलिए हमे यह बताना मुश्किल हो सकता है की इसका मुल कारण क्या है

क्योकी कुछ ऐसी बिमारीया भी होती है जिनमे यह सायकोसिस के लक्षण दिखाई देते है जैसे की

● मस्तिक्छ से संबंधित कोई बिमारी होना

● ब्रेन टयुमर जैसी बिमारी

● दिमाग पर कोई गहरी चोट लगना आघात होना

● डिमेंशिया के कारण भी सायकोसिस हो सकता है उदा मिरगी के दौरे स्ट्रोक आना इत्यादी

● डिप्रेशन के कारण भी सायकोसिस हो सकता है

सायकोसिस के प्रमुख लक्षण कौन कौन से होते है symptoms of psychosis in Hindi

1)भ्रमरोग होना गलतफहमी का शिकार होना

-इस लक्षण मे कोई मानसिक रूप से बिमार व्यक्ती अपने मन के अंदर किसी गलत अवधारणा तथा विचार को निर्माण करता है और हम उसे कई बार इस भ्रम से बाहर निकालने के लिए उसे सच्चाई से वास्तविकता से अवगत कराने की कोशिश करते है पर वह उसके इस गलत अवधारणा को उसके मन से बाहर निकालता नही है

ऐसे लोगों को हमेशा ऐसा लगता है की कोई उनका पिछा कर रहा है पर वास्तविकता मे देखा जाए तो उनके पिछे कोई भी नही होता मतलब एक गलत विचार अवधारणा को यह अपने मन मे पाले रहते है

ऐसे लोगो की कभी कभी ऐसा भी लगता है की उन्हे कोई भयंकर बिमारी ने जकड लिया है देखा जाए तो वास्तव मे वह एकदम स्वस्त और निरोगी होते है

2)मतिभ्रम तथा कोई वहम होना –

इस लक्षण मे अकेले होते हुए भी हमे आसपास किसी के बाते करने की आवाजे सुनाई देती है कोई हमारे सामने खडा है ऐसा लगता है पर वास्तविकता मे ऐसा कुछ भी नहीं होता

● ऐसे लोगो की किसी काम मे मन एकाग्र करने मे कठिनाई आती है

● सदा चिंतित रहते है डिप्रेशन मे रहते है

● किसी भी छोटी मोटी बात पे भी औरो पे शक किया करते है

● यह अपने परिवार तथा दोस्तो से भी हमेशा दुरी बनाए रखने है

● इनके मन मे खुदखुशी करने के ख्याल आते रहते है

सायकोसिस का परीक्षण किस प्रकार किया जाता है?

सायकोसिस के परीक्षण के लिए सायकँट्रिक इव्हँल्युएशन किया जाता है इसमे मरीज की संपुर्ण हालत डाँक्टरो दवारा देखी जाती है

उसे कैसा महसूस हो रहा है यह पता करने के लिए डाँक्टर उससे कुछ जरूरी सवाल पुछते है

यह लक्षण किसी अंतरनिहित बीमारी की वजह से दिख रहे है या किसी और वजह से यह पता करने के लिए मरीज का एक्स रे निकाला जाता है और कुछ और जरूरी मेडिकल टेस्ट भी किये जाते है

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सायकोसिस के मरीज पर क्या और कौनसा इलाज किया जाता है?psychosis treatment in Hindi

सायकोसिस इस मानसिक बिमारी के इलाज मे डाँक्टर दवाईया और मेडिकल थेरेपी इन दोनो का इस्तेमाल किया करते है

कई बार सायकोसिस के मरीज बहुत ही ज्यादा उत्तेजित तथा अँग्रेसिव्ह हो जाते है जिसमे यह खुदको या औरो को भी हानी पहुचा सकते है ऐसे मरीज को जल्दी से शांत करने के लिए एक इंजेक्शन दिया जाता है इसे रँपिड ट्रान्क्विलीझेशन भी कहा जाता है

सायकोसिस के मरीज को ठिक करने के लिए अँण्टीसायकोटिक्स की दवाई भी दिया करते है इन दवाईयो की वजह से मरीज की भ्रम तथा वहम की समस्या कम होने लगती है

कुछ मरीजो को ठिक करने के लिए सिर्फ कुछ दिन यह दवाई देनी पडती है पर स्क्रीजो फेनिया से ग्रस्त मरीज को यह दवा जीवनभर दी जाती है

इसका साथ मरीज को काँग्नेटिव्ह बिहेव्हीरल थेरपी भी दी जाती है इसमे स्वास्थ सलाहकार सायकोसिस के मरीज के साथ बाते करते है और बातो बातो मे उसकी सोच तथा गलत अवधारणा को निकालने की कोशिश करते है

जब किसी सायकोसिस के मरीज पर दवाईया का कोई असर नही होता तब ऐसी हालत मे उसे यह थेरपी दी जाती है इस थेरपी मरीज के सोच तथा अवधारणा मे बहुत सारे बदलाव आते हे और उनकी बिमारी को ठिक करने मे मदत मिलती है

ऐसी हालत मे डाँक्टर की सलाह कब ले?और क्यो लेना जरूरी है

यदी हमे हमारे भीतर सायकोसिस के लक्षण दिखाई दे रहे हो तो हमे जल्द से जल्द डाँक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए

ऐसी स्थिती मे डाँक्टर को दिखाने मे देर करना उचित बात नही है क्योकी ऐसे मानसिक रोगो का इलाज जितनी जल्दी हो जाता है उतना हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है क्योकी यह बिमारी आगे जाकर भयंकर रूप भी धारण कर सकती है

इसमे हमारे मन के भ्रम को जानने के लिए समझने के लिए डाँक्टरो दवारा हमे कुछ सवाल पुछे जा सकते है और जरूरत पडने पर वह हमे किसी और बडे विशेषज्ञो को दिखाने की सलाह भी दे सकते है

सायकोसिस पर इलाज न करने पर क्या दुष्परिणाम हो सकता है

● सायकोसिस की मानसिक बिमारी से पीडीत लोग अपनी मानसिक बिमारी के कारण खुदका ख्याल खुद नही रख पात है और इस बिमारी पर समय रहते इलाज न किया गया तो इसकी वजह से कई और बिमारीयो का सामना हमे करना पड सकता है

इसलिए इस बिमारी मे सही तरह से डाँक्टरो दवारा इलाज किया जाना बहुत जरुरी होता है तभी मरीज पुरी तरह से स्वस्थ होता है

सायकोसिस से संंबंधित कुछ रिस्क –

● ऐसे लोग जिनमे सायकोसिस विकसित होने के संभावना अधिक मात्रा मे होती है ऐसे लोगो को सटीकता से पहचानना अधिकतम केसेस मे संभव नही हुआ है

● अनुवांशिकता के कारण भी यह बिमारी किसी को लग सकती है मतलब किसी के माता पिता को यह बिमारे है तो उनकी वजह से उस संतान को भी यह बिमारी लग सकती है

ऐसे बच्चे जो डिलिशन सिंड्रम नामक बिमारी के साथ जनम लेते है ऐसे बच्चो मे यह विकार विकसित होने की संभावना होती है